Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2024 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों की हुई मौज

किसानों की भलाई को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना निकाली है इस योजना के अंतर्गत किसी आपदा के कारण अगर किसानों की किसी भी तरह की फसल बर्बाद हो जाती है या नष्ट हो जाती है तो सरकार उसे मुआवजा देगी यह मुआवजा 12 घंटे के अंदर-अंदर उनके खाते में पहुंचा दिया जाएगा इस योजना के अंतर्गत किसी भी त्रयोदशी या भूकंप या फिर आवारा जानवरों या पशुओं के कारण किसानों की फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को बीमा कंपनियों द्वारा मुआवजा प्रदान किया जाता है इस योजना में किसानों को आर्थिक नुकसान नहीं होता और वह फसल के नष्ट हो जाने पर मुआवजा के रूप में उसकी भरपाई कर लेती हैं और किसने की हानि होने से बचाती है इस कारण किसानों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम से पूरे देश में चलाई जा रही है इस योजना की पूरी जानकारी हमने आपको नीचे दे दी है इस योजना के अंतर्गत किन-किन फसलों को जोड़ा गया है और इस योजना में अप्लाई करने के लिए आपको किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है पूरी जानकारी के लिए इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक जरूर पढ़ें।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2023 की आखिरी तारीख 31 जुलाई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2023 है, जिसमें एकमुश्त और गैर कर्जदार दोनों तरह के किसान आवेदन कर सकते हैं. सरकार के सहयोग से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को पूरे प्रदेश में चलाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।




 

बीमा कंपनी किसानों को किस स्थिति में बीमा कवरेज का लाभ देती है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमा कंपनी द्वारा निम्न स्थितियों के उत्पन्न होने पर कवरेज प्रदान किया जाता है।

◆ कुल बीमित राशि का 25% तक का क्लेम बीमा कंपनी द्वारा प्रतिकूल मानसून की स्थिति में तत्काल प्रभाव से भुगतान किया जाता है, जो आम तौर पर फसल के मध्य चरण तक half तक कम होने की उम्मीद है।

◆ बीमा कंपनी बुवाई और कटाई के बीच खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और कीटनाशकों के कारण होने वाली क्षति के मामले में कवरेज की राशि प्रदान करती है।

◆ ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, बिजली गिरने जैसी स्थानीय आपदाओं की स्थिति में खरीफ फसलों को भी कवरेज की राशि दी जाती है।

◆ कटाई के बाद अगले 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसलों की भरपाई भी बीमा कंपनी द्वारा बेमौसम चक्रवाती बारिश, आंधी, ओलावृष्टि जैसी स्थितियों के घटित होने से होने वाले नुकसान का व्यक्तिगत आधार पर आकलन करने के बाद की जाती है।

◆ यदि किसान प्रतिकूल मौसम के कारण फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में भी क्लेम किया जा सकता है।




किन फसलों का बीमा किया जा सकता है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मौसम के आधार पर फसलों का बीमा किया जाता है।

जैसे खरीफ सीजन में:- धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर तिल की फसल का बीमा किया जा सकता है।

फसल बीमा योजना के लिए आवेदन कैसे करें।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन करने की दो प्रक्रियाएं हैं, जो कर्जदार किसान हैं, उन्हें अलग तरीका अपनाना होगा और जो कर्जदार किसान नहीं हैं, उनके लिए अलग तरीका अपनाना होगा।




कर्जदार किसानों के लिए।

कर्जदार किसान सरकारी बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस के मुताबिक, सभी किसान क्रेडिट कार्ड धारक और फसली कर्ज लेने वाले किसान अपने नजदीकी सरकारी या निजी सहकारी बैंक से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उन किसानों के लिए जो कर्जदार नहीं हैं।

जिन किसानों ने अभी तक खेती करने के लिए किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है, वे इसके लिए सीधे जन सुविधा केंद्र या बीमा पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं। अभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ के लिए आवेदन जन सुविधा केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है।




नोट: आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana से सम्बंधित लगभग सभी जानकारी दे दी है, अगर आप फिर भी कुछ पूछना चाहते है तो कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है।

नोट:- इसी तरह हम केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई या पुरानी सरकारी योजनाओं की जानकारी सबसे पहले इस वेबसाइट sarkari-yojanaa.in के माध्यम से देते हैं तो हमारी वेबसाइट को फॉलो करना ना भूलें।

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